Sanskrit ka Jadoo

संस्कॄत का जादू

 

संस्कृत में निम्नलिखित विशेषताएँ हैं जो उसे अन्य सभी भाषाओं से उत्कृष्ट और विशिष्ट बनाती हैं।

 ( ०१ ) अनुस्वार (अं ) और विसर्ग(अ:) :-

संस्कृत भाषा की सबसे महत्वपूर्ण और लाभदायक व्यवस्था है, अनुस्वार और विसर्ग।

पुल्लिंग के अधिकांश शब्द विसर्गान्त होते हैं —

यथा- राम: बालक: हरि: भानु: आदि। और

नपुंसक लिंग के अधिकांश शब्द अनुस्वारान्त होते हैं—

यथा- जलं वनं फलं पुष्पं आदि।

अब जरा ध्यान से देखें तो पता चलेगा कि विसर्ग का उच्चारण और कपालभाति प्राणायाम दोनों में श्वास को बाहर फेंका जाता है। अर्थात् जितनी बार विसर्ग का उच्चारण करेंगे उतनी बार कपालभाति प्रणायाम अनायास ही हो जाता है। जो लाभ कपालभाति प्रणायाम से होते हैं, वे केवल संस्कृत के विसर्ग उच्चारण से प्राप्त हो जाते हैं।

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Valentines Day

वेलेंटाइन डे का हर प्रेमी जोड़े को बेसब्री से इंतज़ार रहता है. इस दिन लोग अपने प्यार से अपनी मोहब्बत का इज़हार करते हैं. वेलेंटाइन डे यूं तो पश्चिम की देन है लेकिन लेकिन पिछले कुछ सालों से भारत में भी वेलेंटाइन डे काफी लोकप्रिय हो गया है. अब तो युवा इसे एक त्यौहार की तरह सेलिब्रेट करते हैं. सभी प्यार के इस दिन को बेहद खास और यादगार बनाना चाहते हैं. लव बर्ड्स के लिए वेलेंटाइन डे तो स्पेशल होता ही है, साथ ही उससे पहले का एक पूरा वीक ऐसा होता है जब हर दिन कुछ ना कुछ खास होता है. इनमें रोड डे, प्रपोज डे, किस डे जैसे कई डे शामिल हैं. इन 7 दिनों को वेलेंटाइन वीक कहा जाता है. वेलेंटाइन वीक की शुरुआत 7 फरवरी से ही हो जाती है. तो आगे जानिए, किस दिन कौन सा डे होता है.

 
7 फरवरी, रोज डे: रोड डे से ही वेलेंटाइन वीक का आगाज होता है. इस दिन सभी लोग अपने प्यार, दोस्तो या अपने चहेतों को अपनी पसंद का गुलाब का फूल भेंट कर सकते हैं. गुलाब के हर रंग के पीछे एक अलग अर्थ छुपा होता है. दोस्तों को पीले रंग का गुलाब दिया जाता है और अपने प्यार को लाल या गुलाबी रंग का गुलाब देते हैं.

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Swami Vivekananda Chicago Speech

स्वामी विवेकानंद का जन्म कोलकाता में 12 जनवरी 1863 को हुआ. अपने विचारों से स्वामी विवेकानंद ने दुनिया के बीच भारत का डंका बजाया. स्वामी विवेकानंद ने 11 सितंबर 1883 को शिकागो के विश्व धर्म संसद में हिन्दू धर्म पर प्रभावी भाषण देकर दुनियाभर से आए लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया. स्वामी विवेकानंद को उस सम्मेलन का लोगों के लिए संबोधन ‘अमेरिका के भाइयों और बहनों’ उस वक्त से लेकर आज तक लोगों के जेहन में है. स्वामी विवेकानंद के जन्मदिन के मौके पर जानिए उनके 10 ऐसे विचार, जिन्हें अपनाने से आपके सोचने और जिंदगी जीने का नजरिया बेहतर हो सकता है और सुनिए 1883 को शिकागो के विश्व धर्म संसद में स्वामी विवेकानंद का यादगार भाषण.

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Adarsh Gram Yogana

आदर्श ग्राम

देश की ७०% जनता ग्रामवासी है, ग्रामोत्थान के बिना राष्ट्रोत्थान कैसे होगा? राष्ट्रसेवी ग्रामसेवा में जुटें
    ‘विश्वं पुष्टं ग्रामे अस्मिन अनातुरम्।’ – अथर्ववेद
अर्थ :- इस गाँव में आतुरता रहित परिपुष्ट विश्व हो।
भावार्थ :- जैसे विश्व अपने आप में समग्र-परिपूर्ण है, वैसे ही गाँव भी पुष्ट (समर्थ) और आतुरता (चिंता-परेशानी) रहित एक समग्र इकाई के रूप में विकसित-स्थापित हों।

गाँवों की महत्ता

भारत ग्राम प्रधान देश है, इसलिए राष्ट्रोत्थान के लिए ग्रामोत्थान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। ऋषियों ने तो गाँवों के हितों को सीधे विश्वहित से जोड़ा है।
स्वतंत्रता आन्दोलन के क्रम में राष्ट्र को समर्थ बनाने के लिए महामना मालवीय जी ने गाँवों के उत्कर्ष को महत्त्व देते हुए एक श्लोक की रचना की थी-
ग्रामे-ग्रामे सभाकार्या, ग्रामे-ग्रामे कथा शुभा।
पाठशाला-मल्लशाला, प्रति पर्वा महोत्सवा॥

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Chuha aur Tapaswi – Hindi Story

एक चूहा था। किसी तपस्वी की कुटी में रहता था। बिल्ली उधर से निकलती तो चूहा डर से काँपने लगता। महात्मा ने उससे भयातुरता का कारण और निवारण पूछा। चूहे ने कहा- बिल्ली का भय सताता है। मुझे बिल्ली बना दीजिए ताकि निर्भय रह सकूँ।

तपस्वी ने वैसा ही किया। चूहा बिल्ली बन गया और सिर उठा कर उस क्षेत्र में विचरण करने लगा।

कुत्तों ने उसे देख पाया तो खदेड़ने लगे। बिल्ली पर फिर संकट छाया और फिर से तपस्वी से अनुरोध किया- इस बार भी संकट से छुड़ाएं और कुत्ता बना दें।

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Lord Krishna – Damodar Leela

Lord Krishna willingly gets tied by mother Yashoda.

Damodar means “One who has rope around his belly’. Dam – Rope, Udar – Stomach/Belly

One day, when Mother Yashoda saw that all of the maidservants were already engaged, she personally began to churn the yogurt, and while doing so, she composed songs about Krishna’s childhood pastimes and enjoyed singing them to herself. Dressed in a saffron-yellow sari, with a belt tied around her full hips, Mother Yashoda worked hard, so that as her whole body shook, and her bangles and earrings tinkled. Because of intense love for her child, her breasts were wet with milk. Her beautiful face was wet with perspiration, and malati flowers fell from her hair.

Vaishnava-toshani of Sanaatana Goswami states that this took place on the Dipavali day. Among all of Nanda Maharaja’s cows, Yashoda kept several that ate only special grass that would flavour the milk to make it very tasty. Mother Yashoda personally churned the yogurt from this milk into butter, for she thought that Krishna was stealing butter from others’ houses because He did not like that which was ordinarily prepared.
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Shri Krishna Janm Katha

श्रीकृष्ण जन्म की कथा

 

भाद्रपद कृष्ण अष्टमी को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी कहते हैं, क्योंकि यह दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मदिवस माना जाता है। इसी तिथि की घनघोर अंधेरी आधी रात को रोहिणी नक्षत्र में मथुरा के कारागार में वसुदेव की पत्नी देवकी के गर्भ से भगवान श्रीकृष्ण ने जन्म लिया था। यह तिथि उसी शुभ घड़ी की याद दिलाती है और सारे देश में बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है।

 

जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण की जन्म संबंधी कथा भी सुनते-सुनाते हैं, जो इस प्रकार है-

 

‘द्वापर युग में भोजवंशी राजा उग्रसेन मथुरा में राज्य करता था। उसके आततायी पुत्र कंस ने उसे गद्दी से उतार दिया और स्वयं मथुरा का राजा बन बैठा। कंस की एक बहन देवकी थी, जिसका विवाह वसुदेव नामक यदुवंशी सरदार से हुआ था।

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